फ्रांस की राज्य क्रान्ति एवं नेपोलियन 

फ्रांस की राज्य क्रान्ति लुई 16 वें  के शासन काल मे 1789 ई मे स्टेटस जनरल की शुरुआत 5 मई 1789 को हुई थी इसी दिन फ्रांसीसी क्रान्ति का श्री गणेश हुआ। 
france ki rajy kranti


राज्य क्रांति का उद्देश्य 

14 जुलाई 1789 को क्रान्तिकारियों ने बास्तील के जेल के फाटक को तोड़ बंदियों को मुक्त कर दिया फ्रांस की क्रान्ति का मुख्य कारण समाज का शोषक एवं शोषित बटा होना था सामाजिक समानता सामंतीय विशेषाधिकारों का अन्त निरंकुश तथा भ्रष्ट प्रशासन में सुधार, न्याय तथा करों में सुधार के उद्देश्यों को पाने के लिए ही इस क्रान्ति की शुरुआत की गई थी। 

फ्रांस की राज्य क्रांति की देन 

समानता स्वतंत्रता और बंधुत्व का नारा फ्रांस की राज्य क्रान्ति की देन है। फ्रांसीसी क्रांति वाल्टेयर मॉन्टेस्क्यू रूसो ने सर्वाधिक योगदान दिया। वाल्टेयर चर्च का विरोधी था तो रूसो प्रजातंत्रात्मक शासन पद्धति का समर्थक था जबकि मॉन्टेस्क्यू शक्ति पृथक्करण का समर्थक था।

नेपोलियन कोड  

वर्साय को फ्रांस की राजधानी लुई 14 वां ने बनवाया था ट्रेफेगलर का युद्ध 21 ऑक्टूबर 1805 में इंग्लैंड और नेपोलियन के बीच हुआ था। नेपोलियन ने कानूनों का संग्रह तैयार करवाया जिसे नेपोलियन कोड कहा जाता है। 

वियना संधि 

1815 ई में नेपोलियन को हराने वाली यूरोपीय शक्तियां ब्रिटेन, रूस, प्रसा आस्ट्रिया के प्रतिनिधि वियना सम्मलेन में मिले इसमें वियना सन्धि तैयार की गई जिसका उद्देश्य उन सारे बदलावों को समाप्त करना था जो नेपोलियाई युद्ध के दौरान हुए। 

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