किसी भी अर्थव्यवस्था को धन की पूर्ति के लिए बजट का निर्माण किया जाता है| बजट द्वारा प्रत्येक मद के लिए धन का निर्धारण किया जाता है, जिससे वित्तीय व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे| बजट द्वारा योजनाओं को गति प्रदान की जाती है, और इन योजनाओं का लाभ आम जनता को प्रदान किया जाता है| बजट में निर्धारित की गयी राशि से अधिक धन व्यय नहीं किया जा सकता है| अधिक धन की आवश्यकता होने पर पुनः संसद की स्वीकृति की आवश्यकता होती है| इस पेज पर बजट क्या है, बजट के प्रकार, तथा इसका महत्व और प्रक्रिया के बारे में बताया जा रहा है|Image result for budget picture
बजट क्या है (What is that the Budget)?
सरकार की आय एवं व्यय का एक विवरण जिस प्रपत्र में एकत्रित किया जाता है, उसे बजट कहते है| बजट में विगत वर्ष के आय और व्यय के अनुमानों का वार्षिक वित्तीय विवरण प्रस्तुत किया जाता है| भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में बजट निर्माण के विषय में बताया गया है | लोकसभा में केंद्र सरकार के वित्तमंत्री के द्वारा बजट पेश किया जाता है, इस बजट को केंद्रीय बजट के नाम से जाना जाता है| राज्य सरकार में बजट राज्य वित्त मंत्री के द्वारा पेश किया जाता है, यह केवल उसी राज्य के लिए निर्धारित किया जाता है|

बजट के प्रकार (Types Of Budget)
भारत में बजट पांच प्रकार के प्रयोग किये जाते है –
  1. आम बजट
  2. निष्पादन बजट
  3. जिरोबेस बजट
  4. आउटकम बजट
  5. जेंडर बजट 

आम बजट (Common Budget)

इस बजट का मुख्य उद्देश्य सरकारी खर्चो पर नियन्त्रण करना तथा विकास कार्यों को गति प्रदान करना है|

निष्पादन बजट (Performance Budget)

इस बजट का मुख्य उद्देश्य सरकार जिन कार्यों को पूरा करना चाहती है उस पर आधारित होता है| इस बजट को उपलब्धि बजट या कार्यपूर्ति बजट भी कहा जाता है | यह कार्य के परिणामों के आधार पर बनाया जाता है |

जिरोबेस बजट (Zero Base Budget)

आय कम होने और व्यय अधिक होने की परिस्थति में इस बजट को जारी किया जाता है, जिससे व्ययों पर कटौती करके घाटों पर अंकुश लगाया जा सके|

आउटकम बजट (Outlook budget)

इस बजट का प्रयोग किसी मंत्रालय अथवा विभाग के लिए किया जाता है, जिसमे बजट में आवंटित की गयी राशि का प्रयोग भौतिक लक्ष्यों का निर्धारण और मूल्यांकन के लिए किया जाता है |

जेंडर बजट (Gender Budget)

भारत सरकार द्वारा निर्मित ऐसा बजट जो कार्यों और योजनाओं का आवंटन लिंग के आधार पर करता है इस बजट के द्वारा महिला अधिकारिता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया गया है |

भारतीय बजट के प्रमुख दस्तावेज़ (Major Documents of Indian Budget)
भारतीय बजट के प्रमुख दस्तावेज़ इस प्रकार है |

वित्तमंत्री का भाषण
वार्षिक वित्तीय कथन
बजट का सार
वित्त विधेयक
बजट प्राप्तियाँ
बजट व्यय
अनुदान की माँग
बजट का महत्व और प्रक्रिया (Importance And Process Of Budget)
बजट द्वारा सरकार के सभी कार्य निर्धारित किये जाते है| सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं के लिए धन की व्यवस्था बजट के माध्यम से ही किया जाता है | सरकार बिना बजट के एक रूपये का व्यय नहीं कर सकती है |

बजट में प्रत्येक वर्ष नयी योजनाओं की घोषणा होती है और टैक्स में संसोधन किया जाता है, जिसका सीधा प्रभाव जनता पर पड़ता है, बजट में किये गए सभी प्रावधान तब तक लागू नहीं किये जा सकते है, जबतक संसद के द्वारा पास नहीं किया जाता है |

बजट को वित्त विधेयक द्वारा पेश किया जाता है| वित्त विधेयक केवल लोकसभा में ही पेश किया जा सकता है| बजट लोकसभा में पास होने के बाद राज्य सभा के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाता है, यदि राज्य सभा इस पर 14 दिन के अंदर स्वीकृति प्रदान नहीं करती है, तो बजट को पास मान लिया जाता है, और वित्तीय वर्ष की पहली तिथि को बजट में किये गए प्रावधान पूरे देश में लागू कर दिया जाता है |

राज्य सरकार द्वारा निर्मित बजट केवल राज्य की सीमाओं तक के लिए मान्य रहता है | बजट में यदि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बजट में विरोधाभास होता है, तो केंद्र सरकार के बजट को मान्यता प्रदान की जाती है |

बजट बनाने का आरम्भ कब होता है (When Does The Budget Start) ?

भारत में बजट निर्माण प्रक्रिया अगस्त-सितंबर के महीने में शुरू कर दी जाती है | इसके लिए बजट सर्कुलर जारी किया जाता है | वित्त विभाग के अधीन बजट डिवीजन अगस्त के अंत में या सितंबर के प्रारम्भ में बजट सर्कुलर जारी करता है | इस सर्कुलर के माध्यम से भारत सरकार और उसके सभी मंत्रालयों से संबंधित आय- व्यय का पूरा विवरण माँगा जाता है | इस विवरण के आधार पर बजट की रूप- रेखा तैयार की जाती है | सितंबर महीने के अंत में अगले वित्त वर्ष के लिए सरकारी खर्च का अनुमानित आंकड़ा तैयार किया जाता है

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