PUBG Game की लत छोड़ने के 5 स्टेप्स

PUBG Game की लत छोड़ने के 5 स्टेप्स

  1. किसी भी आदत को एक बार में नहीं छोड़ा जा सकता है. सिगरेट और शराब की तरह गेमिंग की आदत (Gaming Addiction) भी धीरे-धीरे ही छूटती है. अगर आप इस गेम को अकेले खेलेंगे तो जरूर उब जाओगे. जब गेम में आपके दोस्त नहीं होंगे तो आपके लिए ये गेम बोरिंग हो जाएगा. साथ ही अकेले जल्दी मरने और चिकन डिनर न मिल पाने के चलते आप इस गेम से बोर होते जाएंगे और आप खेम खेलना धीरे-धीरे कम कर देंगे.
  2. पहले स्टेप के बाद जब आप गेम (PUBG) से बोर होने लगेंगे, तो खाली समय में अपने किसी दोस्तों से मिलें और पबजी गेम के अलावा किसी अन्य टॉपिक पर बात करें. वर्चुअल दुनिया से निकलकर असली दुनिया में लोगों से मिले और मौज मस्ती करें.
  3. दूसरे स्टेप के बाद आप काफी हद तक खुद को इस गेम से दूर रख पाएंगे, लेकिन अब आपके पास वो 2-3 घंटे खाली पड़े होंगे जिसमें आप खेम खेलते थे. इस खाली समय में आप टीवी देख सकते हैं, किताबें पढ़ सकते हैं या मूवी भी देख सकते हैं.
  4. तीसरे स्टेप तक आने के बाद आप गेमिंग की वर्चुअल दुनिया से दूर हो जाएंगे और अब आप परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं. धीरे-धीरे फिर से आपका मन पढ़ाई में लगने लगेगा. 
  5. कभी खाली न बैठें. कुछ न कुछ करें कोई काम करें या आप की जो हॉबी हो वो करें. आप जितना भी समय खाली रहेंगे उतना ही बोर होंगे और गेम में समय खराब करने लग जाएंगे.

        PUBG की लत है खतरनाक, हो सकती हैं ये मानसिक बीमारियां


        टीनेएजर्स और युवाओं के बीच एक नया Sensation बन गया है PUBG Game। यह एक Online गेम है जिसे खेलने वाले लोग बड़ी जल्दी इसके अडिक्ट बन जाते हैं और उसके बाद उनके Behavior में बदलाव होने लगता है जिससे कई तरह की मानसिक समस्याएं हो सकती हैं।

        प्लेयर अननोन बैटलग्राउंड या PUBG, इस वक्त दुनिया का सबसे फेमस ऑनलाइन Multyplayer गेम बन गया है और यह युवाओं के बीच तेजी से पॉप्युलर हो रहा है। बच्चों और युवाओं के बीच इस ऑनलाइन गेम का क्रेज इस कदर बढ़ गया है कि इसे खेलने वालों में इस गेम की ऐसी लत लग जाती है कि उनका मानसिक और शारीरिक विकास प्रभावित होने लगता है।


        NIMHANS में 120 से ज्यादा मामले

        नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस NIMHANS में 120 से ज्यादा मामले रिपोर्ट किए गए, जिनमें बच्चों के मेंटल हेल्थ पर PUBG गेम का विपरीत प्रभाव देखा गया। PUBG गेम सिर्फ बच्चों तक की सीमित नहीं है बल्कि 6 साल के बच्चे से लेकर 30-32 साल के युवाओं तक में इस गेम को लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। इस गेम की बढ़ती आदत के कारण हजारों युवाओं में Behavior संबंधी परेशानियां देखने को मिल रही हैं।

        ब्रेन पर विपरित असर

        PUBG मोबाइल गेम की वजह से होने वाली कॉमन परेशानियां-
        1- नींद की कमी या नींद से जुड़ी परेशानी
        2- असल जिंदगी से दूरी
        3- स्कूल-कॉलेज से लगातार ऐब्सेंट रहना
        4- जरूरत से ज्यादा गुस्सा दिखाना
        5- स्कूल-कॉलेज की ग्रेड्स और परफॉर्मेंस में लगातार गिरावट

        PUBG गेम दुनियाभर के कई प्लेयर्स के साथ खेला जाता है और सबके टाइम जोन अलग-अलग होते हैं जिस वजह से भारत में इस गेम को खेलने वाले ज्यादातर लोग रात में 3-4 बजे तक जगकर यह गेम खेलते रहते हैं जिस वजह से उन्हें सिर्फ नींद ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी दूसरी कई समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं।
        1- नींद पूरी न होने से ब्लड प्रेशर और Diabetes का खतरा
        2- पूरी नींद न लेने से एक्रागता की कमी और कमजोर याददाश्त
        3- गेम में हिंसा दिखाई जाती है और हथियारों का इस्तेमाल होता है जिससे बच्चों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन       बढ़ रहा है।

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